धान पंजीयन पोर्टल पर खसरे प्रदर्शित नहीं होने से किसान परेशान

गिरदावरी सत्यापन के बाद भी उपार्जन पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई जमीन, पंजीयन डिलीट/सुधार का विकल्प भी नहीं

धान पंजीयन पोर्टल पर खसरे प्रदर्शित नहीं होने से किसान परेशान

मुकेश पटेल 9644544570

 

अनूपपुर। धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उपार्जन पोर्टल पर तकनीकी समस्याएं सामने आने लगी हैं। ग्राम पिपरिया निवासी किसान प्रेमनाथ पटेल और ग्राम लखनपुर निवासी धन्नू लाल पटेल ने जिला खाद्य विभाग के अधिकारी को आवेदन देकर पोर्टल की समस्या का शीघ्र निराकरण कराने की मांग की है।

 

किसान प्रेमनाथ पटेल ने आवेदन में बताया कि वे ग्राम पिपरिया के निवासी एवं कृषक हैं। उनके नाम दर्ज कृषि भूमि का उपयोग धान की खेती के लिए किया जाता है। धान उपार्जन केंद्र पर पंजीयन कराने पहुंचने पर पता चला कि उनके कई खसरा नंबर उपार्जन पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। आवेदन में खसरा नंबर 46, 47, 48, 49, 53/1, 54, 55/2, 57/2 एवं 58/2/1 सहित अन्य भूमि का उल्लेख किया गया है।

 

इसी प्रकार ग्राम लखनपुर निवासी किसान धन्नू लाल पटेल ने भी आवेदन देकर बताया कि उनकी कृषि भूमि के कई खसरा नंबर उपार्जन पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। आवेदन में 217/3, 224/5, 79/1/1/1, 61/1, 81/1 एवं 13/2 सहित भूमि का उल्लेख किया गया है।

 

दोनों किसानों के अनुसार संबंधित भूमि की गिरदावरी का कार्य पूरा किया जा चुका है और उसका सत्यापन भी हो चुका है, इसके बावजूद संबंधित खसरे उपार्जन पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि पंजीयन केंद्र पर पहुंचने के बाद पोर्टल की इस तकनीकी समस्या के कारण उन्हें धान पंजीयन कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

आवेदन में यह भी बताया गया है कि यदि पंजीयन में किसी प्रकार की त्रुटि हो जाती है तो उसे सुधारने के लिए पूर्व में उपलब्ध पंजीयन डिलीट करने का विकल्प वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। किसानों ने आशंका जताई कि तकनीकी समस्या का समय पर निराकरण नहीं होने से उनका धान उपार्जन के लिए पंजीयन प्रभावित हो सकता है।

 

किसानों ने जिला खाद्य विभाग से मांग की है कि संबंधित खसरा नंबरों को उपार्जन पोर्टल पर प्रदर्शित कराया जाए तथा पंजीयन डिलीट/सुधार का विकल्प पुनः शुरू कराया जाए, ताकि त्रुटिपूर्ण पंजीयन को नियमानुसार निरस्त कर सही पंजीयन कराया जा सके। उन्होंने समस्या का शीघ्र निराकरण कराने की मांग की है।

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