जंगल की पगडंडी से बैगा संस्कृति तक पहुंचे IGNTU के विद्यार्थी

थाड़पथरा में 90 पर्यटन विद्यार्थियों ने की ट्रैकिंग, कम्युनिटी इंटरैक्शन से जाना ग्रामीण-जनजातीय पर्यटन का मॉडल

जंगल की पगडंडी से बैगा संस्कृति तक पहुंचे IGNTU के विद्यार्थी

मुकेश पटेल 9644544570

 

अमरकंटक, 24 सितंबर। विश्व पर्यटन सप्ताह के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) के पर्यटन प्रबंधन विभाग के 90 विद्यार्थियों ने गुरुवार को थाड़पथरा में ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन का जमीनी अनुभव लिया। ‘रूरल एंड ट्राइबल टूरिज्म वर्कशॉप एवं फील्ड विजिट’ के तहत विद्यार्थियों ने मडहाउस से ‘माई का मंडप’ तक ट्रैकिंग की और बैगा समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली को करीब से समझा।

 

विद्यार्थियों ने घने जंगल और अमरावती गंगा नदी के प्राकृतिक परिवेश से गुजरते हुए कमरापथरा के रास्ते ‘माई का मंडप’ तक ट्रैकिंग पूरी की। इस दौरान उन्होंने बैगा जनजाति के रहन-सहन, खान-पान, गोदना परंपरा और प्रकृति के साथ उनके पारंपरिक संबंधों की जानकारी ली।

ट्रैकिंग के बाद थाड़पथरा पर्यटन समिति ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। समिति के सदस्यों के साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने स्थानीय पर्यटन, संस्कृति और समुदाय की भूमिका को समझा। साथ ही पारंपरिक स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया।

 

कार्यक्रम में जीपीएम जिला पर्यटन नोडल अधिकारी डॉ. राहुल गौतम, ब्लॉक मिशन प्रबंधक (NRLM) अभिषेक जायसवाल और पर्यटन समन्वयक हर्ष सोनी ने विद्यार्थियों को ‘कम्युनिटी बेस्ड टूरिज्म’ मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय समुदाय को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने तथा ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन के माध्यम से आजीविका के अवसर विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

 

आयोजन पर्यटन प्रबंधन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. रोहित रविंद्र बोरलिकर, डॉ. जयप्रकाश नारायना एवं डॉ. दिनेश कुमार परस्ते के सहयोग से संपन्न हुआ। आयोजन की सफलता में थाड़पथरा पर्यटन समिति के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।

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