भौतिक सत्यापन में 8 बैलेट और 16 कंट्रोल यूनिट कम, पुराने तहसील भवन से हटाते समय खुला मामला

ईवीएम वेयरहाउस की दीवार मिली क्षतिग्रस्त, 2014 के पंचायत चुनाव के बाद से रखी थीं मशीनें; अज्ञात के खिलाफ एफआईआर

भौतिक सत्यापन में 8 बैलेट और 16 कंट्रोल यूनिट कम, पुराने तहसील भवन से हटाते समय खुला मामला

मुकेश पटेल 9644544570

 

अनूपपुर। जिला मुख्यालय स्थित पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने ईवीएम वेयरहाउस से 24 ईवीएम मशीनें कम मिलने का मामला सामने आया है। भौतिक सत्यापन में 8 बैलेट यूनिट (बीयू) और 16 कंट्रोल यूनिट (सीयू) रिकॉर्ड से कम पाई गईं। मामला उस समय सामने आया, जब क्षतिग्रस्त पुराने तहसील भवन को डिसमेंटल करने के दौरान ईवीएम मशीनों को वहां से हटाकर पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में संचालित तहसील कार्यालय में शिफ्ट किया जा रहा था। वेयरहाउस की दीवार क्षतिग्रस्त मिलने के बाद मशीनों का रिकॉर्ड से मिलान कराया गया, जिसमें यह अंतर सामने आया।

 

30 सितंबर को प्राथमिक विद्यालय सीतापुर के सहायक शिक्षक फूल सिंह पिता धना सिंह निवासी कर्राटोला ने तहसीलदार अनूपपुर वेद प्रकाश सिंह और प्राथमिक विद्यालय बस्ती के सहायक शिक्षक संजय निगम के साथ कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

2014 के पंचायत चुनाव के बाद से रखी थीं मशीनें

 

शिकायत के अनुसार वर्ष 2014 के स्थानीय निर्वाचन यानी पंचायत चुनाव के बाद पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने ईवीएम वेयरहाउस में बड़ी संख्या में मशीनें सुरक्षित रखी गई थीं। रिकॉर्ड के मुताबिक यहां 620 कंट्रोल यूनिट और 1670 बैलेट यूनिट रखी गई थीं। लंबे समय तक मशीनें इसी परिसर में रखी रहीं।

पुराना तहसील भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद इसे डिसमेंटल करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान 16 मार्च को ईवीएम हटाने की कार्रवाई के समय वेयरहाउस के पीछे की दीवार क्षतिग्रस्त मिली। इसके बाद मशीनों की उपलब्धता और रिकॉर्ड का मिलान कराया गया।

 

24 से 28 सितंबर तक हुआ भौतिक सत्यापन

 

पुराने भवन से हटाई गई ईवीएम को 21 सितंबर को पॉलीटेक्निक महाविद्यालय अनूपपुर में संचालित तहसील कार्यालय के भूतल स्थित कक्ष क्रमांक-6 में रखा गया। इसके बाद 24 से 28 सितंबर 2026 के बीच भौतिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज मशीनों और मौके पर उपलब्ध मशीनों की संख्या में अंतर सामने आया। कुल 24 मशीनें कम मिलीं, जिनमें 8 बीयू और 16 सीयू शामिल हैं।

 

सीरियल नंबर से तलाशे जाएंगे गायब मशीनों के सुराग

 

शिकायत में गायब मशीनों के सीरियल नंबर भी दर्ज किए गए हैं। अब पुलिस और संबंधित विभाग इन नंबरों के आधार पर मशीनों के रिकॉर्ड, पूर्व सत्यापन, भंडारण और स्थानांतरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि मशीनें अंतिम बार कब सत्यापित हुई थीं और रिकॉर्ड में उनकी उपलब्धता कब तक दर्ज थी।

 

वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के घेरे में

 

ईवीएम जैसी निर्वाचन सामग्री के रिकॉर्ड से गायब मिलने के बाद पुराने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि मशीनें कब और किन परिस्थितियों में कम हुईं, वेयरहाउस में प्रवेश-निकासी की क्या व्यवस्था थी, सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और समय-समय पर मशीनों का भौतिक सत्यापन किया गया था या नहीं। साथ ही पुराने तहसील भवन को डिसमेंटल करने का कार्यादेश जारी होने के बावजूद ईवीएम वेयरहाउस से मशीनों को पहले सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं हटाया गया, यह सवाल भी जांच के दायरे में आ सकता है।

 

एफआईआर के बाद अब रिकॉर्ड खंगालेगी पुलिस

 

फिलहाल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि 24 ईवीएम वास्तव में चोरी हुईं या रिकॉर्ड और भौतिक उपलब्धता में अंतर का कोई अन्य कारण है। मशीनों के सीरियल नंबर, पुराने वेयरहाउस के रिकॉर्ड, सत्यापन रिपोर्ट और स्थानांतरण से जुड़े दस्तावेज जांच में अहम हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मशीनों के गायब होने का वास्तविक घटनाक्रम सामने आएगा।

 

इनका कहना है

“एफआईआर के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। फिलहाल मामला अज्ञात है। किस कारण और कैसे हुआ, इसकी जानकारी सामने आने के बाद ही आगे चर्चा करेंगे।”

रत्नाकर झा, कलेक्टर, अनूपपुर

Comments (0)

Sign in to join the discussion

Related Stories