बालाघाट के 50 गांवों में बदली तस्वीर, नक्सल प्रभाव घटा तो पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल बोले—संस्थागत प्रसव 21 से बढ़कर 92 प्रतिशत, दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच हुई मजबूत

बालाघाट के 50 गांवों में बदली तस्वीर, नक्सल प्रभाव घटा तो पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं

 

मुकेश पटेल 9644544570

 

बालाघाट। बालाघाट जिले के दो ब्लॉकों के करीब 50 गांवों में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद अब हालात सामान्य और नियंत्रण में हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच और नियमित रिपोर्टिंग संभव होने के साथ स्वास्थ्य एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार भी हुआ है।

 

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि पहले इन क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन नक्सलवाद पर नियंत्रण के बाद शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि कुपोषण पर नियंत्रण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार हुआ है।

 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से पहले जहां संस्थागत प्रसव का स्तर महज 21 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इन व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक देश और समाज के विकास में बाधा रहा। भाजपा सरकार ने इसे प्राथमिकता के साथ नियंत्रित करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। इसका असर अब बालाघाट के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य, प्रशासन और अन्य नागरिक सुविधाओं की बेहतर पहुंच के रूप में दिखाई दे रहा है।

 

उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन समस्याओं को कांग्रेस की नीतियों से बढ़ावा मिला, आज वही लोग संवेदना की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी द्वारा बार-बार भ्रामक बातें कहकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

Comments (0)

Sign in to join the discussion

Related Stories