जय अंबे इंडस्ट्रीज में श्रमिकों को न खाना मयस्सर, न शुद्ध पानी
मंगलवार को प्रदर्शन के बाद 31 अगस्त तक का आश्वासन
अनूपपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की रामपुर बटुरा परियोजना में मिट्टी उठाने और कोयला निकालने का कार्य कर रही जय अंबे इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिकों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिलने के आरोप सामने आए हैं। श्रमिकों का कहना है कि 8 से 12 घंटे तक काम करने के बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल रहा है और न ही पीने के लिए शुद्ध पानी। कंपनी प्रबंधन की मनमानी के कारण सैकड़ों श्रमिक परेशान हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
महीनों से बंद पड़ा आरओ प्लांट
श्रमिकों के लिए परिसर में लगाया गया आरओ सिस्टम कथित तौर पर महीनों से बंद पड़ा है। ऐसे में श्रमिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इतना ही नहीं, कैंटीन में बर्तन धोने के लिए लगाए गए नलों में भी पानी की समस्या बनी रहने की बात कही जा रही है। श्रमिकों का कहना है कि धूल-मिट्टी और भारी काम के बाद यदि उन्हें पीने तक के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध न हो तो यह गंभीर लापरवाही है।
कैंटीन के भोजन की गुणवत्ता पर सवाल
श्रमिकों ने कैंटीन में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं होती। सवाल यह भी उठ रहा है कि श्रमिकों को दिए जाने वाले खाद्य पदार्थों की जांच के लिए संबंधित विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण क्यों नहीं किया जाता। श्रमिकों का कहना है कि एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारियों को भी कैंटीन और पेयजल व्यवस्था की स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए।
प्रदर्शन के बाद 31 अगस्त तक का आश्वासन
मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों श्रमिकों ने कंपनी परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने श्रमिकों से चर्चा कर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। श्रमिकों के अनुसार प्रबंधन ने 31 अगस्त तक का समय मांगा है। श्रमिकों का कहना है कि यदि इस अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
विरोध की आवाज उठाने पर कार्रवाई का आरोप
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को कथित तौर पर चिन्हित कर काम से बाहर कर दिया जाता है। उनका कहना है कि इससे अन्य श्रमिक भी अपनी समस्याएं खुलकर रखने से डरते हैं। श्रमिकों का आरोप है कि पूर्व में भी वेतन वृद्धि और ड्यूटी टाइम सहित विभिन्न मांगों को लेकर आश्वासन दिए गए, लेकिन उनका अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।
इनका कहना है
तीन दिन पहले चावल व दाल कच्छा रह गया था, जिसके बाद संचालक को नोटिस जारी किया गया है, पानी की समस्या थी उसे ठीक करा दिया गया है। गुणवत्ता की जांच एचआर विभाग करता है, जिला प्रशासन से कोई भी अधिकारी जांच में अभी तक नही पहुंचे है।
आलोक त्रिपाठी, संचालक
एल एण्ड एन एवं लायजिनिंग विभाग
जय अंबे इंडस्ट्रीज प्राईवेट लिमिटेड रामपुर-बटुरा परियोजना
मैं जल्द ही निरीक्षण में जाऊंगा, अगर कमिया पाई जाती है तो निश्चित की कार्यवाही की जायेगी।
बृजेश विश्वकर्ता, खाद्य निरीक्षक अनूपपुर
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