यूथ पर फोकस, सीएम डॉ. मोहन बोले- 9 अगस्त को निकालें भव्य तिरंगा यात्रा
प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में उपलब्ध भूमि पर बनाएं खेल परिसर
*यूथ पर फोकस, सीएम डॉ. मोहन बोले- 9 अगस्त को निकालें भव्य तिरंगा यात्रा*
- *सीएम डॉ. यादव ने की खेल-युवा कल्याण विभाग की समीक्षा*
- *खिलाड़ियों के पोषण और प्रशिक्षण पर दें विशेष ध्यान*
- *प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में उपलब्ध भूमि पर बनाएं खेल परिसर*
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अगस्त को राज्य शूटिंग अकादमी में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और विभागीय मैदानी गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि अगस्त आजादी का पर्व मनाने का महीना है। हम सब हर्षोल्लास से स्वतंत्रता दिवस मनाएं। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस मनाया जाए। इस दिन भोपाल में नागरिकों और युवाओं के सहयोग से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाए। यह तिरंगा यात्रा समाज में अपनी आज़ादी को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा सहित देशभक्ति की भावना के प्रसार का माध्यम बनेगी। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग उपस्थित थे।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और कौशल से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में मध्यप्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। खिलाड़ियों के पोषण, प्रशिक्षण एवं उनके कौशल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए। खिलाड़ियों को नई तकनीक से प्रशिक्षित किया जाए। जिन्होंने ओलम्पिक, एशियाड और राष्ट्रीय स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो उन्हें प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक और अंतर्राष्ट्रीय खेलो में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और पुरस्कार नियमों का जल्द से जल्द निर्धारण किया जाए। ऐसे खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्त करने और प्रोत्साहन राशि देने जैसे सभी प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मल्लखंभ और जिम्नास्टिक एकेडमी जल्द से जल्द प्रारंभ की जाए, जिससे इन दोनों खेलों के खिलाड़ियों को एक स्थान पर सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
*इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एक्शन प्लान करें तैयार*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी संदीपनी विद्यालयों के अधीन पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। इसलिए इन सांदीपनि विद्यालयों के पास ही खेल विभाग द्वारा खेल परिसर विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि खेल के लिए खिलाड़ी स्कूल और कॉलेजेस में ही उपलब्ध होते हैं। इसलिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और युवा आयोग सांदीपनि विद्यालयों में खेल परिसरों के निर्माण के लिए मिलकर काम करें। विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने स्तर पर की जा रही खेल गतिविधियों और खेल अधोसंरचनाओं के विकास कार्यों को खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ही संचालित किया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारी एक्शन प्लान तैयार करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी स्थानों में प्रस्तावित और निर्माणाधीन खेल परिसरों में हेलीपैड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य के अधिकारी, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार समन्वय करें और खेल विकास मद में अधिकाधिक सेंट्रल ग्रांट प्राप्त करें।
*कामों में लाएं तेजी*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में खेल परिसर या स्टेडियम या अन्य खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए खेल विभाग को भूमि का आवंटन नहीं हो पाया है, ऐसे प्रकरणों पर जल्द से जल्द कार्यवाही कर भूमि का आवंटन प्राप्त किया जाए। इसके लिए जिला कलेक्टर्स से समन्वय स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेल विभाग के अधीन सभी प्रकार की अधोसंरचनाओं के समुचित तरीके से रख-रखाव तथा वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों पर निगरानी के लिए खेल विभाग में एक सिविल विंग की स्थापना करने के लिए फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे सीएम युवा शक्ति योजना अंतर्गत चल रहे कामों में तेजी लाएं। जिला कलेक्टर्स से समन्वय कर खेल अधोसंरचनाओं को चिन्हित करें और उन्हें सभी जरूरी सुविधाओं के साथ विकसित करें । उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले का पिछले 5 वर्षों में खेलों में प्रदर्शन के अनुसार वहां के खिलाड़ियों का एनालिसिस करें, जिस खेल के खिलाड़ी जिस जगह से ज्यादा निकल रहे हों, वहां उसी खेल से जुड़ी अधोसंरचनाओं का विकास किया जाए।
*प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की हो स्थापना*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी जिले में मौजूद किसी भी प्रकार की खेल अधोसंरचना किसी भी विभाग की हो, उसका संचालन खेल विभाग द्वारा ही किया जाए, जिससे खिलाड़ियों को उस खेल सुविधा का भरपूर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी उच्च गुणवत्ता वाले शासकीय और अशासकीय खेल परिसरों को चिन्हित करें, ताकि इनमें भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकें। कॉरपोरेट हाऊसेस द्वारा भी खेलों के विकास के लिए सहयोग दिया जाता है, अत: मध्यप्रदेश में हरियाणा और उड़ीसा राज्य में कॉरपोरेट हाऊसेस के सहयोग से खेल अधोसंरचनाओं के विकास मॉडल पर सक्रिय होकर काम किया जाए। उन्होंने कहा कि खेल विभाग में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभाग में परियोजना प्रबंधन इकाई (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट-पीएमयू) की स्थापना पर भी विचार कर ठोस कार्यवाही की जाए।
Related Stories
*मिशन नींव अंतर्गत सेक्टर परासी एवं अनूपपुर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण संपन्न*
1 min read · 2 सप्ताह पहले
जनजातीय कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें अधिकारी-अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य
1 min read · 2 सप्ताह पहले
ममता बालगृह अनूपपुर का न्यायिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण, विधिक साक्षरता शिविर में बच्चों को दी अधिकारों की जानकारी
1 min read · 2 सप्ताह पहले
*सीएम डॉ. मोहन यादव ने की तारीफ, कहा- देश में सर्वश्रेष्ठ बने मध्यप्रदेश पुलिस*
1 min read · 2 सप्ताह पहले
क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य ने किया जिला चिकित्सालय का निरीक्षण
1 min read · 2 सप्ताह पहले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 जुलाई को देंगे बड़ी सौगात, पीथमपुर में करेंगे लियूगोंग इंडिया की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमि-पूजन*
1 min read · 3 सप्ताह पहले